हूतियों का काल है अमेरिकी युद्धपोत मैसन, अदन की खाड़ी में पिलाया पानी, 'भारतीय जहाज' वाली चाल फेल -
Houthi Israel Attack

हूतियों का काल है अमेरिकी युद्धपोत मैसन, अदन की खाड़ी में पिलाया पानी, ‘भारतीय जहाज’ वाली चाल फेल

Houthi Israel Attack: लाल सागर से इजरायल के जहाजों का अपहरण कर रहे ईरान समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों को अमेरिका की नौसेना ने करारा जवाब दिया है। किलर मिसाइलों से लैस अमेरिका के डेस्‍ट्रायर यूएसएस मैसन ने यमन के तट पास से गुजर रहे इजरायल से जुड़े एक टैंकर सेंट्रल पार्क को हूतियों के अपहरण से बचा लिया। हूती विद्रोही इस टैंकर का अपहरण करना चाहते थे लेकिन चालक दल ने तत्‍काल संकट का संकेत दिया। अमेरिकी नौसेना ने इस संकट का तत्‍काल जवाब दिया और हूतियों के अपहरण की कोशिश को विफल कर दिया। इसके बाद बौखलाए हूतियों ने दो मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोत पर हमला किया लेकिन ये मिसाइलें समुद्र के अंदर गिर गईं।

हूतियों ने इससे पहले भारत आ रहे एक जहाज का अपहरण कर लिया था। इस जहाज का मालिक एक इजरायली अरबपति भी है। इसके बाद हूतियों ने धमकी दी थी कि वे इजरायल से जुड़े हर जहाज का इलाके में अपहरण करेंगे। हूतियों के अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल दागने को एक बड़ी उकसावे की कार्रवाई माना जा रहा है। इस जहाज पर फास्‍फोरिक एसिड लदा हुआ था। अमेरिकी नौसेना ने कई अपहरणकर्ताओं को पकड़ भी लिया है। हूतियों की मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत ने ट्रैक किया लेकिन वे काफी दूर जाकर पानी के अंदर गिरीं।

Houthi का काल है यह युद्धपोत

हूतियों की ओर से यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब इजरायल-हमास युद्ध के बीच पोतों पर हमले जारी हैं। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ के एक बयान में कहा गया है कि ‘यूएसएस मैसन’ ने टैंकर सेंट्रल पार्क को सहायता प्रदान की, जिसके बाद मिसाइल ‘यूएसएस मैसन’ से लगभग 10 मील (16 किलोमीटर) दूर समुद्र में गिरीं। ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा, ‘‘इस घटना में किसी भी पोत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही कोई हताहत हुआ है।’’ हूती विद्रोहियों ने इस हमले की फिलहाल जिम्मेदारी नहीं ली है।

अमेरिका का युद्धपोत मैसन कई घातक मिसाइलों और टारपीडो से लैस है। यही नहीं इस पर सबमरीन का शिकार करने वाले हेलिकॉप्‍टर भी हैं। इसमें कई तोपें लगी हुई हैं जो दुश्‍मन के जहाज को पलभर में तबाह कर सकती हैं। अमेरिका साल 2011 से ही पूरे मिडिल ईस्‍ट पर नजर रखने के लिए इस युद्धपोत का इस्‍तेमाल करता रहा है। साल 2016 में भी अमेरिकी यूद्धपोत ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई की थी। हूती विद्रोही कई बार इस युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन वे नाकाम रहे हैं।

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