अपने रिश्ते को दूसरा मौका देने से पहले खुद से जरूर करें ये सवाल, इसके जवाब सही फैसला लेने में करेंगे मदद -
Before giving a second chance to your relationship

अपने रिश्ते को दूसरा मौका देने से पहले खुद से जरूर करें ये सवाल, इसके जवाब सही फैसला लेने में करेंगे मदद

एक रिश्ता बहुत कुछ चीजों से होकर गुजरता है. अपने लिए परफेक्ट की तलाश करने से लेकर खराब दौर से गुजरने तक एक रिश्ते में कई तरह के पड़ाव आते हैं। प्यार और विश्वास के साथ शुरू हुआ रिश्ता कई बार ऐसी स्थिति तक आ जाता है जहां 2 लोग अपने रास्तों को अलग करने का फैसला ले लेते हैं। ऐसी सिचुएशन कई बार एक व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल हो जाती है और उस समझ नहीं आता कि ऐसी स्थिति में क्या फैसला लेना चाहिए।कई बार नए सिरे से उसी रिश्ते की शुरुआत करना मुश्किल हो जाता है।

अगर आप भी ऐसी किसी सिचुएशन में है जहां आप यह समझ नहीं पा रहे हैं कि पुराने कड़वे अनुभवों को दरकिनार कर रिश्ते को दोबारा मौका दिया जाना चाहिए या नहीं तो सबसे पहले खुद से सवाल करें. जब आप खुद को टटोलेंगे तो आपको वह जवाब मिलेंगे जो आपको फैसला लेने में मदद करेंगे. तो चलिए आपको बताते हैं आखिर वह कौन से सवाल है जो आपको खुद से पूछने हैं।

खुद से करें यह तमाम सवाल

अतीत को देखें: रिश्ते में जो आपके साथ पहले हो चुका है और उनसे कड़वी चीजों का आप अनुभव कर सकते हैं वह दोबारा आपके साथ हो सकता है।अगर आप इसका काम करना करने के लिए तैयार हैं तभी आगे बढ़ना चाहिए।

प्लानिंग: अगर आप नए सिरे से रिश्ते में आगे बढ़ रहे हैं तो रिश्ते को अलग तरीके से देखने की हमेशा एक प्लानिंग होनी चाहिए क्योंकि पहले की प्लानिंग आपके रिश्ते में आई प्रॉब्लम्स को सुधार नहीं पाई थी।

एक्सपेक्टेशंस : जब भी रिश्ते की शुरुआत होती है सामने वाले व्यक्ति से उम्मीद अपने आप बंध जाती है. ऐसे में उस व्यक्ति को आपकी जरूरतें, इच्छाएं और अपेक्षाओं के बारे में पता होना चाहिए और इसको लेकर एक प्रॉपर कम्युनिकेशन जरूरी है।

बदलाव: रिश्ते में एक ही व्यक्ति को मौका तभी दिया जाना चाहिए जब उन्होंने खुद में सकारात्मक बदलाव का प्रदर्शन किया हो।

समय देना चाहिए: अगर आपने रिश्ते में तो पारा आने का मन बना लिया है तो व्यक्ति को बदलाव करने और उसे बनाए रखने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।

इम्पैक्ट : दूसरे व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उनका हम पर क्या प्रभाव पड़ता है, और इसलिए इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

प्यार: रिश्ते की दशा को तय करने के लिए प्यार एक बहुत ही इंपॉर्टेंट फेक्टर है. तो कोई भी फैसला लेने से पहले ही समझना चाहिए और आत्म अवलोकन करना चाहिए कि क्या आप सामने वाले व्यक्ति से प्यार करते हैं या फिर आपको सिर्फ उनकी सोच या व्यक्तित्व से प्यार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *