धरती के सौरमंडल के पास खोजा गया नया 'सोलर सिस्टम', 100 प्रकाश वर्ष दूर हैं 6 अनोखे ग्रह, क्यों है खास -
Exoplanet Found Six New

धरती के सौरमंडल के पास खोजा गया नया ‘सोलर सिस्टम’, 100 प्रकाश वर्ष दूर हैं 6 अनोखे ग्रह, क्यों है खास

Exoplanet Found Six New: खगोलविदों ने दो अलग-अलग एक्सोप्लैनेट पता लगाने वाले उपग्रहों के जरिए एक अनोखी खोज की है। खगोलविदों ने पृथ्वी से लगभग 100 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद छह ग्रहों के एक दुर्लभ परिवार का पता लगाया है। वैज्ञानिकों के लिए यह खोज बेहद महत्वपूर्ण है। ये ग्रह निर्माण के रहस्यों को समझने में मदद कर सकती है। सौर मंडल के बाहर अंतरिक्ष में मौजूद ग्रहों को एक्सोप्लैनेट कहते हैं। यह छह ग्रह HD110067 नाम के चमकीले तारे की परिक्रमा कर रहे हैं, जो हमारे सूर्य के जैसा ही है।

ये ग्रह उत्तरी आकाश में कोमा बेरेनिस तारामंडल में मौजूद हैं। सौरमंडल में कई ऐसे ग्रह हैं, जो पृथ्वी से बड़े लेकिन नेप्च्यून से छोटे होते हैं। इन्हें सब नेप्च्यून कहते हैं, जो आमतौर पर आकाशगंगा में सूर्य जैसे तारों की परिक्रमा करते हुए पाए जाते हैं। ग्रहों को B से G तक लेबल किया गया है। नेचर जर्नल में बुधवार को प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक जैसे-जैसे ग्रह अपनी कक्षाएं पूरी करते हैं और एक दूसरे पर गुरुत्वाकर्षण बल लगाते हैं, वैसे-वैसे पैटर्न स्पष्ट होते हैं।

क्यों खास है तारा सिस्टम

इस तारे के सबसे करीब का B ग्रह जब छह कक्षा पूरी करता है तो सबसे बाहरी G ग्रह एक कक्षा पूरी करता है। C तक तीन चक्कर, D तब दो चक्कर, E तब चार चक्कर और F तीन चक्कर लगाता है। हार्मोनिक लय में यह एक गुंजायमान शृंखला बनाते हैं, जिसमें सभी छह ग्रह हर कुछ कक्षाओं में संरेखित होते हैं। जो चीन इस ग्रह की खोज को सबसे अलग बनाती है वह यह है कि 1 अरब साल पहल प्रणाली बनने के बाद इसमें बेहद कम बदलाव हुआ है। यह खोज हमारी आकाशगंगा में प्रचलित उप नेपच्यून की उत्पत्ति पर प्रकाश डाल सकता है।

कैसे खोजे जाते हैं ग्रह

नासा के शोधकर्ताओं ने पहली बार 2020 में स्टार सिस्टम पर ध्यान दिया, जब नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट या टीईएसएस ने HD110067 के ग्रह की चमक में गिरावट का पता लगाया। चमक में गिरावट अक्सर ग्रह की मौजूदगी का संकेत देता है, जो अपने मेजबान तारे और एक अवलोकन उपग्रह के बीच से गुजर रहा है। चमक में गिरावट पारगमन विधि के रूप में जाना जाता है। खगोलविदों ने 2020 के उस डेटा से तारे के चारों ओर दो ग्रहों की कक्षीय अवधि निर्धारित की।

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