Russia-Ukraine War

Russia-Ukraine War: रूस के तेल पर होगा खेल जानिए क्यो रूस सस्ता तेल अमेरिका को बेच रहा भारत

Russia-Ukraine War: India is selling cheap oil to America, know what is the whole matter

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्द में पिछले हफ्ते एक बड़ी घटना हुई. इस घटना को दुनिया में अधिकतर देशों और लोगों ने रूस की हार के रूप में देखा. खुद यूक्रेन भी इसे जीत समझकर जश्न मनाने लगा, लेकिन पुतिन के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था. रूस ने यूक्रेन में 2 कदम पीछे लेकर इतना तेज प्रहार किया है कि यूक्रेन अब तक के सबसे बुरे दौर में आ चुका है. दरअसल, पिछले हफ्ते रूसी सेना ने यूक्रेन के शहर खेरसॉन से हटने का फैसला किया था. पुतिन की इस रणनीति में यूक्रेन फंस गया और सेलिब्रेट भी करने लगा. इसके बाद रूस ने 15 नवंबर को यूक्रेन पर 100 से अधिक मिसाइल हमले किए. इस हमले से यूक्रेन के आधे से ज्यादा पावर ग्रिड तबाह हो गए हैं और यूक्रेन की राजधानी कीव समेत दूसरे शहरों में बिजली सप्लाई ठप हो गई है।

अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस को और एक झटका देने जा रहे हैं. ये देश जल्द ही रूस से ऑयल एक्सपोर्ट पर मूल्य सीमा की घोषणा करेंगे. इस कदम को रूस के लिए यूक्रेन पर हमले की सजा के तौर पर देखा जा रहा है. रॉयटर्स के अनुसार, जी-7 के सदस्य देशों, यूरोपीय संघ और ऑस्ट्रेलिया 5 दिसंबर से मूल्य सीमा को लागू करने के लिए तैयार हैं और गठबंधन शायद साल में कुछ दफा लेवल को एडजस्ट करेगा, हर महीने नहीं।

रूस जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा’

अधिकारी ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में वे प्राइज सेटिंग पर सलाह-मशविरा को पूरा कर लेंगे, और हम एक गठबंधन के तौर पर 5 दिसंबर से पहले मूल्य सीमा को लागू करने को लेकर आगे बढ़ पाएंगे.’ उन्होंने दावा किया, ‘रूस नई नीति के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा क्योंकि यह उनके हित में नहीं है.’

अधिकारी ने कहा, ‘कीमतें बढ़ाने को लेकर वे जो भी कदम उठाते हैं, उसका असर उनके नए ग्राहकों, भारत और चीन पर पड़ेगा.’ ट्रेजरी अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कीमत पर कैप रूस को फायदा पहुंचाएगा जबकि मूल्य मुद्रास्फीति के जरिए अतिरिक्त लाभ कमाने से रोकेगा।

भारत रूस से भारी मात्रा में खरीद रहा है तेल

भारत दुनिया का तेल खरीदने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है. अमेरिका समेत पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के बावजूद भारत रूस से भारी मात्रा में रियायत कीमतों के साथ कच्चे तेल खरीद रहा है. भारत इस कच्चे तेल को रिफाइन कर पश्चिमी देशों को महंगे दामों में निर्यात कर रहा है.

भारत रिफायन तेल कर रहा है सप्लाई

चूंकि, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन द्वारा लगाया गया प्रतिबंध रिफाइन तेल पर लागू नहीं होता है. इसलिए अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देश भारत को विकल्प के रूप में देख रहे हैं. वहीं, भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने भी रूस से रियायत कीमतों पर तेल खरीदना काफी बढ़ा दिया है. एक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अक्टूबर के बीच भारत ने रूस से 7 लाख 93 हजार बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा है. जबकि इसी अवधि में पिछले साल आयात सिर्फ 38 हजार बैरल प्रतिदिन था।

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